Erfolgreicher Versuch der Dockzustellung per Drohne in Himachal: Mandi war das erste Postamt im Land, das dies tat; 12 km Strecke in 10 Minuten zurückgelegt
हिमाचल प्रदेश में अब ड्रोन से घर-घर डाक पहुंचेगी। इस दिशा में भारतीय डाक विभाग ने मंडी में सफल ट्रायल किया। पायलट आधार पर यह ट्रायल मंडी प्रधान डाकघर से रेहड़ार शाखा तक किया गया। ड्रोन से डाक को घर-घर पहुंचाने की दिशा में ऐसा करने कदम उठाने वाला मंडी डाकघर देश का पहला पोस्ट-ऑफिस बन गया है। इस ट्रायल ने भविष्य की स्मार्ट डाक सेवाओं की नई तस्वीर पेश की है। यह हिमाचल जैसे दुर्गम क्षेत्रों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, क्योंकि यहां पहाड़ी रास्तों में घर-घर डाक पहुंचाना चुनौती से कम नहीं है। मंडी पोस्टल डिपार्टमेंट के अनुसार, शुक्रवार को यह ट्रायल करीब 12 किलोमीटर लंबे और दुर्गम पहाड़ी मार्ग पर किया गया। ड्रोन से 12 किलोमीटर की दूरी तय करने 9 से 10 मिनट का वक्त लगा। इस रास्ते पर पैदल डाक पहुंचानी हो तो पूरा दिन लग जाता है। हालांकि अभी ड्रोन से डाक पहुंचाने का प्रोजेक्ट पायलट आधार पर शुरू किया गया है। स्काई एयर के सहयोग से प्रोजेक्ट शुरू किया: सांख्यान मंडी प्रधान डाकघर की डाकपाल नेहा सांख्यायन के अनुसार, भारतीय डाक विभाग ने स्काई एयर के सहयोग से यह पहल शुरू की है। उनका कहना है कि बदलते समय में तकनीक को अपनाना जरूरी है और ड्रोन आधारित डाक सेवा आने वाले वर्षों में वितरण व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। उन्होंने बताया कि जिस कार्य को पूरा करने में पहले पूरा दिन लग जाता था, वही काम अब ड्रोन की मदद से लगभग 10 मिनट में संभव हो सकेगा। इससे दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक डाक और पार्सल पहले से कहीं अधिक तेजी से पहुंच सकेंगे। ट्रायल के नतीजे उत्साहजनक: संजय मंडी मंडल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट संजय कुमार ने कहा कि चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद ड्रोन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। परीक्षण के नतीजे बेहद उत्साहजनक रहे हैं और इससे भविष्य में डाक सेवाओं के नए आयाम खुल सकते हैं। यह ड्रोन सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद: सुभाष स्काई एयर के प्रतिनिधि सुभाष ने बताया कि आधुनिक तकनीक से लैस यह ड्रोन सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद तरीके से डाक एवं पार्सल पहुंचाने में सक्षम है। आने वाले समय में इस तकनीक का विस्तार होने पर दुर्गम व दूरस्थ क्षेत्रों तक भी सेवाएं अधिक तेजी और दक्षता के साथ पहुंचाई जा सकेंगी। डिजिटल इंडिया और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। ड्रोन टेक्नोलॉजी के जरिए न केवल समय की बचत होगी, बल्कि डाक वितरण प्रणाली भी अधिक प्रभावी, आधुनिक और जनहितकारी बन सकेगी। मंडी से शुरू हुआ यह प्रयोग भविष्य में देशभर की डाक सेवाओं के लिए एक नया मॉडल बन सकता है।