Rajasthan- Yeni arabalarda devlet indirimini kapma oyunu: 53 müşteri adına sahte hurda sertifikaları yapıldı, Bhaskar'ın gerçek müşteriye ulaştığı ortaya çıktı.
Uluslararası13/06/2026Dainik Bhaskar
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राजस्थान में नई कार खरीदने पर मिलने वाले सरकारी डिस्काउंट में फर्जीवाड़े का बड़ा खेल उजागर हुआ है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि एक कार डीलर ने 53 ग्राहकों को नई कार बेची। उनके नाम पर यूपी-गुजरात-दिल्ली नंबर की गाड़ियों के स्क्रैप सर्टिफिकेट (COD- सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट) फर्जी तरीके से बनवाए। हर सर्टिफिकेट पर मिलने वाले 50 हजार से 1 लाख रुपए तक के डिस्काउंट का फायदा खुद उठा लिया। ये डिस्काउंट स्क्रैप पॉलिसी के तहत तब मिलता है, जब ग्राहक अपनी पुरानी कार स्क्रैप (कबाड़) में देकर सर्टिफिकेट हासिल कर लेता है। चौंकाने वाली बात ये है कि ग्राहकों को इसकी जानकारी तब लगी, जब भास्कर टीम ने उनसे संपर्क साधा। करीब 10 ग्राहकों ने इस धोखाधड़ी की पुष्टि की है। फर्जीवाड़े का यह खेल यहीं तक सीमित नहीं है। सरकार से अधिकृत स्क्रैप डीलर और शोरूम संचालक मिलकर इसे अंजाम दे रहे हैं। इसकी पड़ताल के लिए रिपोर्टर कार शोरूम के मालिक बनकर अधिकृत स्क्रैप डीलर के पास गए। कंपनी का मैनेजर 25 हजार रुपए के हिसाब से एक साथ सैकड़ों सर्टिफिकेट देने को तैयार हो गया। इन्वेस्टिगेशन स्टोरी में पढ़िए- कैसे स्क्रैप सर्टिफिकेट से इस खेल को अंजाम दिया जा रहा है… एक ही शोरूम ने 53 ग्राहकों को लगाया चूना पड़ताल के दौरान हमारे हाथ 53 स्क्रैप सर्टिफिकेट हाथ लगे (पूरी लिस्ट सबसे आखिरी में दी गई है)। ये सर्टिफिकेट उन ग्राहकों के नाम से ट्रांसफर करवाए गए थे, जो नई कार खरीदने आए थे। चौंकाने वाली बात ये थी कि इस काम को जोधपुर के मारुति शोरूम श्रीकृष्णा ऑटो सेल्स ने अंजाम दिया। भास्कर टीम ने नई कार खरीदने वाले कस्टमर से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि उनसे कार की पूरी कीमत वसूली गई। किसी तरह का कोई डिस्काउंट नहीं दिया गया। स्क्रैप पॉलिसी के अनुसार, 15 साल पुरानी कमर्शियल और 20 साल पुरानी प्राइवेट गाड़ी को स्क्रैप कराने पर एक 'सर्टिफिकेट' मिलता है। उस सर्टिफिकेट से नई गाड़ी खरीदने पर रोड टैक्स में 25% तक की छूट के अलावा अन्य कई फायदे मिलते हैं। रिपोर्टर के फोन पर कस्टमर चौंके, बोले- हमारे नाम से फ्रॉड किया COD (स्क्रैप सर्टिफिकेट) पर मिली डिटेल के आधार पर हमने कस्टमर से संपर्क करने की कोशिश की। कुछ के नंबर बंद थे, तो कुछ के फोन रिसीव नहीं हुए। करीब 10 ग्राहकों से हमारी बात हुई। हमने उनसे 2 सवालों पूछे- क्या आपने नई कार खरीदते समय कोई पुरानी कार कबाड़ (स्क्रैप) में बेची थी?
राजस्थान में नई कार खरीदने पर मिलने वाले सरकारी डिस्काउंट में फर्जीवाड़े का बड़ा खेल उजागर हुआ है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि एक कार डीलर ने 53 ग्राहकों को नई कार बेची। उनके नाम पर यूपी-गुजरात-दिल्ली नंबर की गाड़ियों के स्क्रैप सर्टिफिकेट (COD- सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट) फर्जी तरीके से बनवाए। हर सर्टिफिकेट पर मिलने वाले 50 हजार से 1 लाख रुपए तक के डिस्काउंट का फायदा खुद उठा लिया। ये डिस्काउंट स्क्रैप पॉलिसी के तहत तब मिलता है, जब ग्राहक अपनी पुरानी कार स्क्रैप (कबाड़) में देकर सर्टिफिकेट हासिल कर लेता है। चौंकाने वाली बात ये है कि ग्राहकों को इसकी जानकारी तब लगी, जब भास्कर टीम ने उनसे संपर्क साधा। करीब 10 ग्राहकों ने इस धोखाधड़ी की पुष्टि की है। फर्जीवाड़े का यह खेल यहीं तक सीमित नहीं है। सरकार से अधिकृत स्क्रैप डीलर और शोरूम संचालक मिलकर इसे अंजाम दे रहे हैं। इसकी पड़ताल के लिए रिपोर्टर कार शोरूम के मालिक बनकर अधिकृत स्क्रैप डीलर के पास गए। कंपनी का मैनेजर 25 हजार रुपए के हिसाब से एक साथ सैकड़ों सर्टिफिकेट देने को तैयार हो गया। इन्वेस्टिगेशन स्टोरी में पढ़िए- कैसे स्क्रैप सर्टिफिकेट से इस खेल को अंजाम दिया जा रहा है… एक ही शोरूम ने 53 ग्राहकों को लगाया चूना पड़ताल के दौरान हमारे हाथ 53 स्क्रैप सर्टिफिकेट हाथ लगे (पूरी लिस्ट सबसे आखिरी में दी गई है)। ये सर्टिफिकेट उन ग्राहकों के नाम से ट्रांसफर करवाए गए थे, जो नई कार खरीदने आए थे। चौंकाने वाली बात ये थी कि इस काम को जोधपुर के मारुति शोरूम श्रीकृष्णा ऑटो सेल्स ने अंजाम दिया। भास्कर टीम ने नई कार खरीदने वाले कस्टमर से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि उनसे कार की पूरी कीमत वसूली गई। किसी तरह का कोई डिस्काउंट नहीं दिया गया। स्क्रैप पॉलिसी के अनुसार, 15 साल पुरानी कमर्शियल और 20 साल पुरानी प्राइवेट गाड़ी को स्क्रैप कराने पर एक 'सर्टिफिकेट' मिलता है। उस सर्टिफिकेट से नई गाड़ी खरीदने पर रोड टैक्स में 25% तक की छूट के अलावा अन्य कई फायदे मिलते हैं। रिपोर्टर के फोन पर कस्टमर चौंके, बोले- हमारे नाम से फ्रॉड किया COD (स्क्रैप सर्टिफिकेट) पर मिली डिटेल के आधार पर हमने कस्टमर से संपर्क करने की कोशिश की। कुछ के नंबर बंद थे, तो कुछ के फोन रिसीव नहीं हुए। करीब 10 ग्राहकों से हमारी बात हुई। हमने उनसे 2 सवालों पूछे- क्या आपने नई कार खरीदते समय कोई पुरानी कार कबाड़ (स्क्रैप) में बेची थी? क्या स्क्रैप सर्टिफिकेट पर आपको नई कार पर कोई डिस्काउंट मिला था? सभी का एक ही जवाब था- उन्होंने नई कार तो खरीदी, लेकिन स्क्रैप में कोई पुरानी कार नहीं दी और न ही इसके बदले कोई डिस्काउंट लिया। किसी को भी खुद के नाम से बने स्क्रैप सर्टिफिकेट की जानकारी नहीं थी। उनके नाम से फ्रॉड हुआ है। केस-1: पहली कार खरीदी, नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट बन गया जोधपुर के रमेश सुथार ने बताया कि उन्होंने अक्टूबर 2025 में श्रीकृष्णा ऑटो सेल्स से मारुति सिलेरियो कार खरीदी थी। ये उनकी लाइफ की पहली कार थी। कार खरीदते समय स्क्रैप पॉलिसी के तहत छूट की कोई जानकारी नहीं दी गई। टीम से मिली जानकारी के बाद उन्हें पता चला कि उनके नाम से हरियाणा नंबर की एक शेवरले कार HR-68 B-5131 का स्क्रैप सर्टिफिकेट बना दिया गया। यह सर्टिफिकेट 18 अक्टूबर 2025 को जारी हुआ। इससे मिलने वाली करीब 50 हजार रुपए की टैक्स छूट डीलर ग्राहक को नहीं दी गई। रमेश सुथार ने हमें बताया कि उनके पास कभी कोई पुरानी कार थी ही नहीं। केस-2 : कोई पुरानी कार नहीं बेची, ग्राहक बोला- धोखा हुआ, मुकदमा दर्ज कराऊंगा जोधपुर के तुलछाराम ने बताया कि उन्होंने श्रीकृष्णा ऑटो सेल्स से मार्च 2026 में बलेनो कार खरीदी थी। इस कार की उन्होंने पूरी कीमत अदा की। कोई डिस्काउंट न तो बताया गया और न ही दिया गया। उन्होंने बताया- मेरे नाम से हरियाणा नंबर की (HR33K4432) फोर्ड फीगो कार का सर्टिफिकेट बनाया गया। इस नंबर की न तो मेरे पास कभी कोई कार थी और न ही मैंने किसी से सर्टिफिकेट खरीदा। कार शोरूम वालों ने सब कुछ मेरे बिना जानकारी के किया है। डिस्काउंट भी खुद ही हड़पा है। अब मैं धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाऊंगा। केस-3: 30 हजार की छूट का लालच, बिना बताए सर्टिफिकेट बनाया जोधपुर के तिंवरी निवासी किशोर कुमार ने बताया कि उनके पास एक पुरानी कार थी। एक-दो दूसरे शोरूम वालों ने कार स्क्रैप में देने पर 25 हजार रुपए डिस्काउंट ऑफर दिया था। कृष्णा ऑटो सेल्स पर संपर्क किया तो सेल्समैन ने कहा- 30 हजार का डिस्काउंट देगा, इसके लिए कार स्क्रैप में देने की जरूरत नहीं है। मैंने अपनी पुरानी कार कहीं और बेची और नई ग्रैंड विटारा खरीद ली। उस दौरान मेरा पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक डिटेल जैसे कई डॉक्यूमेंट लिए थे। कई बार ओटीपी भी मा ंगे थे। मुझे नहीं पता था मेरे डॉक्यूमेंट पर हरियाणा नंबर की एक इंडिका कार (HR-04-L-4448) का स्क्रैप सर्टिफिकेट बना देंगे। सेल्समैन ने डिस्काउंट प्रोसेस का हिस्सा बताते हुए 32 हजार रुपए भी मुझसे लिए थे। इसे लौटाने का वादा किया था। लेकिन नहीं लौटाए। मांगने पर फंसाने की धमकी दी। किशोर कुमार और एजेंसी के सेल्समैन के बीच बातचीत के कुछ अंश… कस्टमर : आपने मुझसे 32 हजार रुपए जमा करवाए थे, कहा था वापस दूंगा, नहीं दिए। सेल्समैन : वो पैसे तो स्क्रैप सर्टिफिकेट बनाने में लग गए...अब कुछ नहीं मिलेगा। कस्टमर : मुझसे पूछे बिना सर्टिफिकेट बना लिया और पैसे भी नहीं दे रहे हो? सेल्समैन : कुछ पैसों के लिए व्यवहार खराब कर रहे हो....सर्टिफिकेट तुम्हारे नाम से बना है। शिकायत की तो तुम ही फंसोगे। कस्टमर : आपने मुझसे पूछे बिना सर्टिफिकेट भी बना लिया और पैसे भी खा गए।
शोरूम के मैनेजर ने नहीं दिया कोई जवाब ग्राहकों की अनुमति के बिना स्क्रैप सर्टिफिकेट बनाकर छूट हड़पने के मामले में हमने श्रीकृष्णा ऑटो सेल्स के जनरल मैनेजर देवानंद लोहिया से बात करने की कोशिश की। उन्होंने फोन रिसीव किया लेकिन इस मामले पर जवाब देने से इनकार कर दिया। अब पढ़िए- फर्जी सर्टिफिकेट बनाने के नेटवर्क की पड़ताल स्क्रैप डीलर : मैनेजर बोला- हर रोज निकालते हैं 600 सर्टिफिकेट राजस्थान में पुरानी कार को स्क्रैप में बदलकर COD (स्क्रैप सर्टिफिकेट) जारी करने के लिए महज 4 कंपनियांं अधिकृत हैं। चारों का दफ्तर जयपुर में है। इनमें से एक है WORTECH RVSF कंपनी। भास्कर टीम ने यूपी का कार डीलर बनकर कंपनी के जनरल मैनेजर अनिल कुमार से संपर्क किया। फोन पर बात करने के बाद उन्होंने हमें जयपुर के विद्याधर नगर में टाइम्स स्क्वायर बिल्डिंग के पास अपने ऑफिस बुलाया। वहां जो बात हुई, पढ़िए उसके अंश... रिपोर्टर : सर, स्क्रैप सर्टिफिकेट खरीदने की डील करनी थी। मैनेजर : आप क्या करते हो...किसलिए चाहिए। रिपोर्टर : यूपी (आगरा) में हमारी मारुति की डीलरशिप है…कस्टमर के नाम पर डिस्काउंट लेने के लिए चाहिए। मैनेजर : डेली कितने स्क्रैप सर्टिफिकेट चाहिए होते हैं...मेरा मतलब कितने की डिमांड रहेगी। रिपोर्टर : ज्यादा नहीं महीने के 15 से 20 ही चाहिए। मैनेजर : फिर तो बहुत कम है आपकी डिमांड, हम तो जितने चाहिए उतने बनवा देंगे। रिपोर्टर : एक स्क्रैप सर्टिफिकेट की क्या रेट रहेगी? मैनेजर : राजस्थान में स्क्रैप सर्टिफिकेट की रेट ज्यादा है 25 से 35 हजार रुपए तक रहती है। जैसे आज लोगे तो एक स्क्रैप सर्टिफिकेट 28 हजार रुपए में मिलेगा। पेमेंट ऑनलाइन करना होगा, आपको जितने सर्टिफिकेट चाहिए उतने मिल जाएंगे। मैनेजर बोला- 45 हजार तक में बिकता है एक सर्टिफिकेट कंपनी के मैनेजर अनिल कुमार से डील की बात करते समय उसने चौंकाने वाली बात बताई। उसने दावा किया कि वो हर महीने 600 से ज्यादा स्क्रैप सर्टिफिकेट कार डीलरों को बेच देता है। कभी-कभी एक सर्टिफिकेट 45 हजार रुपए में भी बिक जाता है। मैनेजर अनिल कुमार ने बताया कि यूपी में स्क्रैप सर्टिफिकेट बनाने वाली कंपनियां ज्यादा हैं। वहां आरटीओ टैक्स में भी डिस्काउंट 12% होने के कारण महज 10 से 15 हजार रुपए में स्क्रैप सर्टिफिकेट बन जाता है। राजस्थान में आरटीओ टैक्स में छूट 25% होने के कारण यहां स्क्रैप सर्टिफिकेट की रेट ज्यादा रहती है। हमारा उद्देश्य ऐसे फर्जीवाड़े को कैमरे में रिकॉर्ड करना था। ऐसे में भास्कर टीम ने मैनेजर से जल्द ही 100 से ज्यादा सर्टिफिकेट के ऑर्डर का बहाना बनाया। कबाड़ में कार देने के बाद कितना डिस्काउंट मिलता है? इस उदाहरण से समझिए… मान लीजिए आपने मारुति की Brezza LXI cng मॉडल कार खरीदनी है। इसकी ऑन रोड कीमत 10 लाख 37 हजार 846 रुपए आ रही है। स्क्रैप सर्टिफिकेट पर कितना डिस्काउंट मिलेगा, इस ग्राफिक के जरिए समझते हैं..... Hurda politikası nasıl bir dolandırıcılık politikası haline geldi? 15 yaşındaki uygunsuz arabaların yoldan kaldırılmasıyla kirliliğin azaltılması amacıyla hurda politikası getirildi. Buna göre, eski bir arabanın hurdaya çıkarılması durumunda, yeni bir araba satın alırken RTO vergisi, hurda bonusu ve COD (hurda sertifikası) aracılığıyla 50 bin Rs'den 1 lakh Rupi'ye kadar indirim alınır. Satışları artırmak amacıyla bazı otomobil satıcılarının 30-35 bin rupi tutarında hurda sertifikası düzenleyerek müşterilere indirim yaptığı iddia ediliyor. Bunun için hurda firmaları, hurdaya çıkmış hurda arabaların belge ve şasi numaralarını kullanarak yeni müşteriler adına sertifika transfer etmektedir. Bayiler ve hurda şirketleri kurallarda yer alan sertifika transfer olanağından yararlanarak para kazanırken, aracı hurdaya çıkarmadan da devlet muafiyetlerinden yararlanılıyor. Jodhpur Bölgesi Ulaştırma Memuru şöyle dedi: - Araştıracağız. Jodhpur Bölge Taşımacılık Memuru PR Jat şunları söyledi: "Müşterinin izni olmadan herhangi bir araba satıcısının hurda sertifikası yapması ve indirim almasıyla ilgili bir şikayet varsa, o zaman araştıracağız. Soruşturmada usulsüzlük tespit edilmesi halinde de işlem yapılacak. Ulaştırma Bakanlığı şunları söyledi: İzleme için yeni bir komite oluşturulacak. Ulaştırma Dairesi Komiser Yardımcısı OP Bunkar, eski araç sahibinin, aracını hurdaya çıkardıktan sonra hurda sertifikası aldığını söyledi. Araç sahibi, hurda belgesi muafiyetinden yararlanmak istemezse, aracı satabilir veya başkasına devredebilir. Ancak politikadaki bu kuraldan yararlanılarak hurda sertifikaların defalarca satılmasının önüne geçmek için bakan geçtiğimiz günlerde bir toplantı yapmıştı. Hurda sertifikası yapan firmaları denetleyecek bir komite oluşturulacak. Bunun dışında önümüzdeki dönemde sadece Rajasthan'daki araçlar için hurda sertifikası yapılmasına yönelik bir kural getirilmesi de düşünülüyor. Adına sahte hurda sertifikaları düzenlenen müşterilerin listesi -------- Bu haberi de okuyun… Jaipur'daki yasa dışı dans barları, müşteriler notları havaya uçuruyor, kız talep üzerine yerde yatarak dans etmeye başlıyor, Rus telekızdan 18 bin Rupi'ye kadar fiyat teklifi alınıyor. Jaipur'un lüks bölgelerinde bira barı kisvesi altında yasadışı dans barları faaliyet gösteriyor. Müşteriler müstehcen dans yapan bar kızlarına notlar atıyor. Ücretleri 7 ila 18 bin Rupi arasında değişen Rus telekızlara çağrılıyor. Haberin tamamını okuyun...