El ATS de Bhopal capturó a la presunta célula durmiente de Faraz: el terrorista paquistaní había elegido el objetivo para matar; Se planeó un entrenamiento secreto en Afganistán
भोपाल में एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में एक युवक (स्लीपर सेल) को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद फराज के रूप में हुई है। ATS ने शुक्रवार सुबह भोपाल के काजी कैंप इलाके में नन्हें बी की मस्जिद के पास से अरेस्ट किया। जिला कोर्ट में पेश किया। मामले में आरोपी के खिलाफ यूएपीए और राष्ट्रद्रोह से जुड़ी धाराओं में FIR दर्ज की गई है। जिला कोर्ट ने 16 जून तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। जांच एजेंसी आरोपी की गतिविधियों, संपर्कों और नेटवर्क को लेकर डिटेल में पूछताछ करेगी। पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था फराज फराज को टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप पर पाकिस्तानी हैंडलर्स (टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन) ने जोड़ रखा था। समय आने पर टारगेट किलिंग के लिए चुना गया था। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने उसे जिहादी वीडियो भी भेजी थी। ऑनलाइन मीटिंग के माध्यम से इस्लामिक कट्टरपंथ के विस्तार की कसम खिलाई गई थी। इस बात का खुलासा आरोपी ने पूछताछ में किया है। नईम नाम के देवबंद के रहने वाले दोस्त के माध्यम से फराज पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया और जिहाद की कसम खाई थी। स्पेशल ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान जाने की तैयारी जानकारी के अनुसार, आरोपी एक डॉक्टर के क्लीनिक पर कार्यरत था। प्रारंभिक जांच में एजेंसियों को कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर उसकी गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है। आरोपी कथित तौर पर स्पेशल ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान जाने की तैयारी में था। पाकिस्तान से भेजी गई पीडीएफ मोबाइल से बरामद जांच के दौरान ATS ने आरोपी के मोबाइल फोन से पाकिस्तान से भेजी गई जिहादी दस्तावेजी पीडीएफ फाइलें बरामद करने का दावा किया है। इसके साथ ही उसके डिजिटल डेटा, चैट और ऑनलाइन गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। मार्शल आर्ट ट्रेनिंग और डार्क ऐप्स से जुड़े होने का शक एजेंसियों के अनुसार, आरोपी मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग भी ले रहा था। साथ ही वह कुछ डार्क ऐप्स के माध्यम से संदिग्ध ग्रुप्स से जुड़ा हुआ था। जांच में उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि उसने गाजा के समर्थन में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। देवबंद कनेक्शन और नेटवर्क की जांच जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के देवबंद मदरसे से जुड़े कुछ संपर्कों की जानकारी भी सामने आई है, जिनकी भूमिका की जांच एजेंसियां कर रही हैं। ATS यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था। क्या कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। सीक्रेट तरीके से हुई पूरी कार्रवाई आरोपी की गिरफ्तारी और पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई। ऑपरेशन की जानकारी भोपाल पुलिस के सीनियर अफसर और स्थानीय पुलिस को भी नहीं दी गई थी। फिलहाल ATS यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह कब से इन गतिविधियों में शामिल था। उसके स्थानीय संपर्क कौन-कौन हैं। ………………………………… यह खबर भी पढ़ें बांग्लादेशी आतंकियों का नया टारगेट MP आतंकियों के निशाने पर अब मध्यप्रदेश है। ये खुलासा मध्यप्रदेश ATS के हाथ लगे आतंकी संगठन जमात-ए-मुजाहिद्दीन-बांग्लादेश (JMB) के चार आतंकियों से पूछताछ में हुआ है। इन आतंकियों का टारगेट एमपी में अपने आतंकी संगठन का स्लीपर सेल नेटवर्क तैयार करना था, ताकि भविष्य में यहां आतंकी हरकतों को अंजाम दिया जा सके। पढ़ें पूरी खबर…