यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य ने हाल के घटनाक्रम का मूल्यांकन करते हुए इस बात पर जोर दिया कि न केवल ईरान पर हमला करने के ज़ायोनी शासन के घोषित लक्ष्य पूरे नहीं हुए, बल्कि प्रतिरोध, ईरान की आंतरिक एकजुटता और प्रतिरोध धुरी के साथ संबंधों के क्षेत्र में भी इसके प्रतिकूल परिणाम हुए।