कार्यकर्ताओं का कहना है कि हाई-प्रोफाइल आईपीओ ग्रोक द्वारा बनाई गई बच्चों की यौन छवियों से ध्यान और जिम्मेदारी को हटा देता है, जो सोशल मीडिया पर फैलती हैं।