यूक्रेनी शरणार्थियों के विशेषाधिकार का असर हो रहा है। यदि देशों ने यूक्रेनियों को नौकरियां दिलाने पर जोर दिया होता, तो आज उन्हें इतनी चिंता नहीं होती।