विश्लेषण - ईरान के साथ युद्ध की शुरुआत के बाद से ही अल्टीमेटम, बमबारी के वादे या ईरान के साथ समझौते का सिलसिला एक के बाद एक चलता रहा है, जिससे व्हाइट हाउस के किरायेदार के शब्दों की विश्वसनीयता खत्म हो गई है।