केरल में पहले भी कई बार निपाह वायरस के मामले सामने आ चुके हैं। गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना आवश्यक है