8 अप्रैल से चल रहे नाजुक युद्धविराम के बावजूद ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच रात भर फिर से गोलीबारी हुई, जिससे डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा वादा किए गए एक आसन्न समझौते की उम्मीदें धूमिल हो गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी पुष्टि की कि उनका इरादा ईरान पर "बहुत ज़ोरदार हमला" जारी रखने का है।