प्रकाशन के अनुसार, आगामी मार्च में भाग लेने वालों में शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यकर्ता, परिवहन कर्मचारी, किसान संगठन, राज्य ऊर्जा कंपनियों के पेंशनभोगी, साथ ही लापता बच्चों की तलाश करने वाली माताओं के संघ शामिल हैं।