टेक करोड़पतियों का दावा है कि अमेरिकी डेटा केंद्रों के प्रति स्थानीय विरोध की लहर के पीछे चीन का हाथ है, जबकि उन्होंने कोई प्रत्यक्ष प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया है।