कहानी - एक सूडानी शरणार्थी द्वारा एक चालीस वर्षीय व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल करने के बाद, हिंसक दंगे भड़क उठे, जिसमें मांग उठी कि प्रवास को अब "राष्ट्रीय सुरक्षा" का विषय माना जाए।