न्यायमूर्ति जे.के. की पीठ माहेश्वरी और अतुल एस चंदुरकर ने कहा कि अपीलकर्ता और पीड़िता जीवनसाथी के रूप में समाज में शांति से अपना जीवन जीने के लिए स्वतंत्र हैं