राजस्थान पत्रिका के उदयपुर संस्करण में प्रकाशित रिपोर्टों में जल निकायों पर कथित अतिक्रमण, झील की सीमाओं से संबंधित अनसुलझे विवादों और ऐसे क्षेत्रों के आसपास निरंतर निर्माण गतिविधियों के बारे में चिंता जताई गई है।