रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल एंड क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी की प्रयोगशाला के प्रमुख ने कहा, यह श्लेष्म झिल्ली की अखंडता पर निकास गैसों और कण पदार्थ के प्रभाव के कारण है।