संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंज़िया ने व्लादिमीर ज़ेलेंस्की के पत्र को, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से किसी तीसरे देश में मिलने का सुझाव दिया था, शांति पहल नहीं बल्कि "क्रूर उकसावे" वाला माना।