नतीजे बताते हैं कि स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक कारक न केवल बीमारी के साथ होते हैं, बल्कि कुछ मामलों में लक्षणों के बने रहने और बिगड़ने में भी योगदान दे सकते हैं।