शायद ही कभी ला फ़्रैंकोफ़ोनी के अंतर्राष्ट्रीय संगठन के छत्र चुनाव ने संस्था के राजनीतिक भविष्य के बारे में इतने सारे सवाल उठाए हों। सुरक्षा संकटों, अनिश्चित राजनीतिक बदलावों, लगातार राजनयिक तनावों और बहुपक्षवाद पर बढ़ते सवालों से जूझ रहे क्षेत्र में फ्रैंकोफोनी जिस भूमिका को निभाने का इरादा रखती है, उसमें उम्मीदवार एक-दूसरे को चुनौती देते हैं। इसके बाद लगातार भूख लगना […]