कई परिवारों में, माता-पिता-बच्चे की निकटता भावनात्मक संलयन पर निर्भर करती है। जब बच्चा वयस्कों की भावनाओं को वहन करता है, तो रिश्ता खामोश निशान छोड़ जाता है।