बीबीसी फ़ारसी के संपादक अमीर अज़ीमी लिखते हैं, शांति वार्ता को खतरे में डालने का ईरान का निर्णय यह दर्शाता है कि उसके नेता अपनी वर्तमान स्थिति को कैसे देखते हैं।