उन पर बच्चों को निशाना बनाने और उन्हें बलपूर्वक चुराने का आरोप लगाया गया. अभियोजन पक्ष "बेरोजगार बुजुर्गों" को आपराधिक न्यायालय (निजी) में भेजता है