اگر بیوه یا کارمند رها شده هستید، گواهی را نشان دهید: شرایط انتقال در وزارت بهداشت MP. SDM یا گواهی دادگاه مورد نیاز است
بینالمللی08/06/2026Dainik Bhaskar
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मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की तबादला नीति ने उसे चर्चाओं में ला दिया है। इस नीति में विधवा और परित्यक्ता महिला कर्मचारियों से इसका सबूत मांगा गया है। कहा गया है कि तबादला चाहने वाली ऐसी कर्मचारियों को अब एसडीएम या कोर्ट से प्रमाण पत्र लेकर यह साबित करना होगा कि वे वास्तव में विधवा या परित्यक्ता हैं। इन महिला कर्मचारियों को ऑनलाइन आवेदन के साथ शपथ पत्र के अलावा एसडीएम या कोर्ट द्वारा जारी लिखित प्रमाण पत्र अपलोड भी करना होगा। इसी तरह अगर 18 साल से कम उम्र की संतान के लिए महिला या पुरुष कर्मचारी एकमात्र देखरेख करने वाला है तो उसे तबादला आवेदन के साथ शपथ पत्र या एसडीएम या कोर्ट का प्रमाण पत्र लगाना होगा। ये भी बता दें कि सिर्फ स्वास्थ्य विभाग ने ही अपनी तबादला नीति में ऐसी शर्त को शामिल किया है। हाल ही में जारी स्कूल शिक्षा विभाग की तबादला नीति में ऐसी किसी शर्त का जिक्र नहीं है। ऐसी महिला कर्मचारियों को सिर्फ उस ऑप्शन पर टिक करना है। उनसे कोई दस्तावेज नहीं मांगा गया है। इसी तरह दूसरे सरकारी विभागों में भी ऐसा नहीं किया गया। अब सवाल यह है कि सिर्फ स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी शर्त क्यों लागू की?
मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की तबादला नीति ने उसे चर्चाओं में ला दिया है। इस नीति में विधवा और परित्यक्ता महिला कर्मचारियों से इसका सबूत मांगा गया है। कहा गया है कि तबादला चाहने वाली ऐसी कर्मचारियों को अब एसडीएम या कोर्ट से प्रमाण पत्र लेकर यह साबित करना होगा कि वे वास्तव में विधवा या परित्यक्ता हैं। इन महिला कर्मचारियों को ऑनलाइन आवेदन के साथ शपथ पत्र के अलावा एसडीएम या कोर्ट द्वारा जारी लिखित प्रमाण पत्र अपलोड भी करना होगा। इसी तरह अगर 18 साल से कम उम्र की संतान के लिए महिला या पुरुष कर्मचारी एकमात्र देखरेख करने वाला है तो उसे तबादला आवेदन के साथ शपथ पत्र या एसडीएम या कोर्ट का प्रमाण पत्र लगाना होगा। ये भी बता दें कि सिर्फ स्वास्थ्य विभाग ने ही अपनी तबादला नीति में ऐसी शर्त को शामिल किया है। हाल ही में जारी स्कूल शिक्षा विभाग की तबादला नीति में ऐसी किसी शर्त का जिक्र नहीं है। ऐसी महिला कर्मचारियों को सिर्फ उस ऑप्शन पर टिक करना है। उनसे कोई दस्तावेज नहीं मांगा गया है। इसी तरह दूसरे सरकारी विभागों में भी ऐसा नहीं किया गया। अब सवाल यह है कि सिर्फ स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी शर्त क्यों लागू की? आवेदन सिर्फ ऑनलाइन ही लेगा विभाग स्वास्थ्य विभाग ने ये भी स्पष्ट किया है कि राज्य स्तर पर होने वाले तबादलों के आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकारे जाएंगे। इसके लिए ई-एचआरएमएस पोर्टल के जरिए आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नई नीति के अनुसार, 8 जून से 12 जून तक तबादलों के लिए आवेदन किए जा सकते हैं। आवेदनों की जांच-पड़ताल 13 जून तक ट्रांसफर के लिए तकनीकी और प्रशासनिक गाइडेंस देने विभाग ने हर जिले में मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी को हेल्प डेस्क खोलने के निर्देश भी दिए हैं। तबादला चाहने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपने व्यक्तिगत ईएचआरएमएस लॉगिन आईडी, रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर या आईएफएमआईएस आईडी का उपयोग कर https://hrms.mp.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदक को तबादले के लिए अधिकतम पांच जगह चुनने का अधिकार होगा। प्रोबेशनर और तीन साल की सेवा पूरी न कर पाने वाले स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। आवेदनों की जांच-पड़ताल 13 जून तक की जाएगी। सभी तबादले आयुक्त, लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग के डिजिटल हस्ताक्षर से होंगे। जिला स्तर पर तबादले की प्रक्रिया ऑफलाइन होगी। बीमारी का प्रमाण पत्र देना भी जरूरी स्वास्थ्य विभाग की तबादला नीति में यह भी कहा गया है कि स्वयं की गंभीर बीमारी और परिवार के सदस्य की गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, किडनी फेल्योर, हृदय रोग, मानसिक रोग की स्थिति में मेडिकल बोर्ड, सिविल सर्जन या सीएमएचओ का प्रमाण पत्र देना जरूरी है। विभाग ने यह भी कहा है कि अगर कोई कर्मचारी ऑनलाइन आवेदन के अलावा किसी अन्य माध्यम से तबादले के लिए प्रयास करता पाया जाता है तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें… MP में 8 जून से शुरू होंगे शिक्षकों के तबादले मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने तबादलों की गाइडलाइन जारी कर दी है। स्थानांतरण प्रक्रिया 8 जून से शुरू होकर 15 जुलाई 2026 तक चलेगी। सामान्य प्रशासन विभाग की तबादला नीति के बाद विभाग ने अपनी अलग स्थानांतरण पॉलिसी लागू की है, जिसके तहत ऑनलाइन आवेदन होंगे। पढ़ें पूरी खबर…