विदेशी विशेषज्ञों का अनुमान है कि बैठक का द्विपक्षीय संबंधों और उससे आगे पर बड़ा असर होगा, क्योंकि वे दोनों अमेरिका के साथ अलग-अलग टकरावों की स्थिति में अपने पारंपरिक गठबंधन को पूरी तरह से बहाल करना चाहते हैं।