स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि देश राष्ट्रीय शक्ति के उपकरण के रूप में परमाणु हथियारों पर तेजी से भरोसा कर रहे हैं।