स्वदेशी न्यायशास्त्र विकसित करने पर काफी जोर दिया गया: सीजेआई सूर्यकांत
📖 लेख स्रोत — 🇬🇧 अंग्रेज़ीभारत के मुख्य न्यायाधीश ने 'स्वदेशी न्यायशास्त्र' का वर्णन ऐसे न्यायशास्त्र के रूप में किया है जो भारत के संवैधानिक मूल्यों, संस्थागत वास्तविकताओं, भाषाई विविधता और सामाजिक स्थितियों के प्रति चौकस रहता है। उनका कहना है कि न्यायपालिका के लिए एक स्वदेशी एआई पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने के लिए गंभीर प्रयास चल रहे हैं।
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