नेताओं का कहना है कि शराब का लद्दाखी समाज में कोई स्थान नहीं है और नई नीति के तहत शराब की दुकानें खोलने से युवा पीढ़ी और बड़े पैमाने पर समाज पर नकारात्मक परिणाम होंगे।