ममता बनर्जी ने जिस पार्टी का गठन करके अपनी मेहनत के बूते उसे महज़ 13 साल के भीतर शून्य से शिखर तक पहुंचाया था, क्या वह उनके हाथों से निकल जाएगी? ममता के पास क्या विकल्प मौजूद हैं? इन्हीं सवालों के जवाब जानिए इस रिपोर्ट में.