पर्यावरण की वकालत करने वाले, डॉक्टर और यहां तक ​​कि खुद खिलाड़ी भी फीफा से जीवाश्म ईंधन उद्योग से नाता तोड़ने की मांग कर रहे हैं, उनका कहना है कि इससे खिलाड़ियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और खेल के भविष्य पर ही खतरा मंडरा रहा है।