Abhijeet Deepke reached his home after the protest in Delhi: Said - Government saw the trailer of what cockroaches can do, but the matter is not over
International07/06/2026Dainik Bhaskar
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर उनका आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते। दीपके ने बताया कि शनिवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ विरोध प्रदर्शन सफल रहा। इसमें लगभग 7,000 लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि अब यह आंदोलन पूरे देश में फैलाया जाएगा। दीपके बोले- हम आवाज नहीं उठाएंगे तो परिवर्तन नहीं हो सकता। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। धर्मेंद्र प्रधान ने पूरी पीढ़ी के साथ अन्याय किया है। वे अगर इस्तीफा नहीं देते, तो 13 जून को फिर प्रदर्शन होगा। इसके बाद CJP फाउंडर रविवार सुबह महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के वालुज इलाके में अपने घर पहुंचे, जहां उनके परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इधर, अभिजीत ने घर पहुंचने के बाद अपने X अकाउंट पर पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लिखा कि वे आज इंस्टाग्राम लाइव पर फॉलोअर्स को संबोधित करेंगे। लेकिन कब, यह नहीं बताया है। अभिजीत की पोस्ट में लिखीं 5 बातें… 24 घंटे में 5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बढ़े कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या भी बढ़ गई है। प्रदर्शन से पहले उनके फॉलोअर्स की संख्या 2.21 करोड़ थी। 7 जून को दोपहर 12 बजे तक यह संख्या बढ़कर 2.26 करोड़ हो गई। X पर उनके 2.69 फॉलोअर्स हैं। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा क्यों नहीं देने वाले, 4 संकेत से समझिए कॉकरोच जनता पार्टी के पहले जमीनी प्रोटेस्ट की इकलौती मांग है- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो। NEET पेपर लीक को 5 हफ्ते और CBSE मार्किंग में गड़बड़ी को 3 हफ्ते हो गए। विपक्षी पार्टियां भी लगातार शिक्षामंत्री को हटाने की मांग कर रही हैं। लेकिन क्या धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा। इसे ऐसे समझिए कि बीजेपी सरकार में इस्तीफे नहीं होते। क्योंकि इस्तीफे का राजनीतिक मतलब निकलेगा कि सरकार से गलती हुई है। मई 2014 में मोदी सरकार के पहले कार्यकाल से ही धर्मेंद्र प्रधान केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हैं। पहले उन्होंने पेट्रोलियम, कौशल विकास और इस्पात मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली। 2021 से शिक्षा मंत्री हैं। प्रधान की एक और खासियत है कि वे मीडिया की चकाचौंध से दूर रहते हैं। उनकी छवि बेहद गंभीर, लो-प्रोफाइल और बेतुकी बातों से दूर रहने वाले नेता की है। सरकार ये नैरेटिव बना रही है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जगह, सिस्टम को सुधार रहे हैं। इसके लिए कई कदम उठाए गए हैं। चर्चा है कि 15 जून के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल और बीजेपी के संगठन में बदलाव होने वाला है। सरकार के सामने 2 ऑप्शन हैं। पहला- प्रधान को सरकार से संगठन की ओर शिफ्ट किया जाए। दूसरा- शिक्षा मंत्रालय के बजाय किसी अन्य मंत्रालय का जिम्मा दिया जाए। ऐसा पहले भी हो चुका है। पढ़ें भास्कर एक्सप्लेनर… कॉकरोच जनता पार्टी पर भास्कर के 2 कार्टून… अभिजीत 5 घंटे जंतर-मंतर पर रहे, 5 बार स्पीच दी सुबह 7:30 बजे: अभिजीत दीपके सुबह अमेरिका से दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से वे डेढ़ घंटे बाद बाहर निकले। सुबह 9:30 बजे: अभिजीत CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए। हाथ में अंबेडकर की ऑटो बायोग्राफी थी। सुबह 10:00 बजे: अभिजीत जंतर-मंतर पहुंचे। यहां समर्थकों ने स्वागत किया और लोगों से बातचीत की। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक: दीपके ने अपने समर्थकों के बीच 5 बार छोटी-छोटी स्पीच दी। इस दौरान धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा दो के नारे लगाए गए। दोपहर 3:30 बजे : दीपके की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें गाड़ी में बैठाया गया। इसके बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया गया। वे सोनम वांगचुक के साथ रवाना हो गए। अभिजीत के सामने 3 बड़ी चुनौतियां 1.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर उनका आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते। दीपके ने बताया कि शनिवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ विरोध प्रदर्शन सफल रहा। इसमें लगभग 7,000 लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि अब यह आंदोलन पूरे देश में फैलाया जाएगा। दीपके बोले- हम आवाज नहीं उठाएंगे तो परिवर्तन नहीं हो सकता। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। धर्मेंद्र प्रधान ने पूरी पीढ़ी के साथ अन्याय किया है। वे अगर इस्तीफा नहीं देते, तो 13 जून को फिर प्रदर्शन होगा। इसके बाद CJP फाउंडर रविवार सुबह महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के वालुज इलाके में अपने घर पहुंचे, जहां उनके परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इधर, अभिजीत ने घर पहुंचने के बाद अपने X अकाउंट पर पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लिखा कि वे आज इंस्टाग्राम लाइव पर फॉलोअर्स को संबोधित करेंगे। लेकिन कब, यह नहीं बताया है। अभिजीत की पोस्ट में लिखीं 5 बातें… 24 घंटे में 5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बढ़े कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या भी बढ़ गई है। प्रदर्शन से पहले उनके फॉलोअर्स की संख्या 2.21 करोड़ थी। 7 जून को दोपहर 12 बजे तक यह संख्या बढ़कर 2.26 करोड़ हो गई। X पर उनके 2.69 फॉलोअर्स हैं। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा क्यों नहीं देने वाले, 4 संकेत से समझिए कॉकरोच जनता पार्टी के पहले जमीनी प्रोटेस्ट की इकलौती मांग है- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो। NEET पेपर लीक को 5 हफ्ते और CBSE मार्किंग में गड़बड़ी को 3 हफ्ते हो गए। विपक्षी पार्टियां भी लगातार शिक्षामंत्री को हटाने की मांग कर रही हैं। लेकिन क्या धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा। इसे ऐसे समझिए कि बीजेपी सरकार में इस्तीफे नहीं होते। क्योंकि इस्तीफे का राजनीतिक मतलब निकलेगा कि सरकार से गलती हुई है। मई 2014 में मोदी सरकार के पहले कार्यकाल से ही धर्मेंद्र प्रधान केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हैं। पहले उन्होंने पेट्रोलियम, कौशल विकास और इस्पात मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली। 2021 से शिक्षा मंत्री हैं। प्रधान की एक और खासियत है कि वे मीडिया की चकाचौंध से दूर रहते हैं। उनकी छवि बेहद गंभीर, लो-प्रोफाइल और बेतुकी बातों से दूर रहने वाले नेता की है। सरकार ये नैरेटिव बना रही है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जगह, सिस्टम को सुधार रहे हैं। इसके लिए कई कदम उठाए गए हैं। चर्चा है कि 15 जून के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल और बीजेपी के संगठन में बदलाव होने वाला है। सरकार के सामने 2 ऑप्शन हैं। पहला- प्रधान को सरकार से संगठन की ओर शिफ्ट किया जाए। दूसरा- शिक्षा मंत्रालय के बजाय किसी अन्य मंत्रालय का जिम्मा दिया जाए। ऐसा पहले भी हो चुका है। पढ़ें भास्कर एक्सप्लेनर… कॉकरोच जनता पार्टी पर भास्कर के 2 कार्टून… अभिजीत 5 घंटे जंतर-मंतर पर रहे, 5 बार स्पीच दी सुबह 7:30 बजे: अभिजीत दीपके सुबह अमेरिका से दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से वे डेढ़ घंटे बाद बाहर निकले। सुबह 9:30 बजे: अभिजीत CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए। हाथ में अंबेडकर की ऑटो बायोग्राफी थी। सुबह 10:00 बजे: अभिजीत जंतर-मंतर पहुंचे। यहां समर्थकों ने स्वागत किया और लोगों से बातचीत की। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक: दीपके ने अपने समर्थकों के बीच 5 बार छोटी-छोटी स्पीच दी। इस दौरान धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा दो के नारे लगाए गए। दोपहर 3:30 बजे : दीपके की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें गाड़ी में बैठाया गया। इसके बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया गया। वे सोनम वांगचुक के साथ रवाना हो गए। अभिजीत के सामने 3 बड़ी चुनौतियां 1. फॉलोअर्स को वोटर्स में बदलना: जंतर-मंतर की कम भीड़ ने साबित किया कि पार्टी को अभी सोशल मीडिया से निकलकर जमीनी स्तर पर ब्लॉक और जिला कमेटियां बनानी होंगी। पार्टी के पास पॉलिटिक्स का बिल्कुल अनुभव नहीं है। सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की ताकत तो है, लेकिन सवाल है कि अगर वे चुनाव में उतरते हैं तो क्या इसे वोट बैंक में बदल पाएंगे। 2. अन्ना आंदोलन जैसा मददगार कैडर नहीं: 2011 के अन्ना आंदोलन की कामयाबी के पीछे अलग-अलग संगठनों का समर्थन था। कॉकरोच जनता पार्टी के पास कैडर नहीं है। उसका पूरा आधार क्लिक एक्टिविज्म पर टिका है। इंस्टाग्राम पर 2.2 करोड़ फॉलोअर्स होना डिजिटल उपलब्धि तो है, लेकिन इस वर्चुअल कैडर के पास न लीडर हैं और न ही बूथ मैनेजमेंट की कोई समझ। 3. No single point agenda: The first condition for a successful political or social movement is a single point agenda. The Anna movement had a clear objective – Lokpal Bill. People got connected with this. Among the people who came to the Cockroach Janata Party movement, some were talking about Manipur, some about taxes and water crisis, and some about corruption and infrastructure. The party will have to put forward a clear national policy and agenda. CJI Surya Kant's statement became the reason for the formation of CJP. Chief Justice of India (CJI) Surya Kant had said on May 15 that some youth were wandering like cockroaches. After this, on May 16, Abhijeet Deepke from America started Cockroach Janata Party. Created an account on X-Instagram. The party gained 10 lakh followers on Instagram in 4 days. CJP had completed more than 66 lakh followers on the party's Instagram on May 20. But on May 21, the X account was closed, but then the party created a new account.
An online petition was placed on the website on May 22 for the resignation of Education Minister Dharmendra Pradhan. More than 8 lakh people signed this petition. ----------------------------- Also read this news... 'Main Bhi Anna' instead of 'Main Bhi Anna' 'Main Hoon Cockroach' at Jantar Mantar: 5-hour protest, less crowd than expected; What did Cockroach Janata Party get? Abhijeet Deepke, founder of Cockroach Janata Party, i.e. CJP, reached Delhi from America on 6th June. In 2011, at the same Jantar Mantar, activist Anna Hazare started a movement against corruption with a fast unto death. Then slogans were raised – Me too Anna. This time the aim of the movement is to change the education system. The slogan is – I am a cockroach. The party has 2.2 crore followers on its Instagram account. The crowd did not come to Jantar Mantar as expected, but for the first time the party was seen on the ground. Read the full news…