पंत ने अपने सिग्नेचर स्ट्रोक्स तो खेले लेकिन साथ ही प्रत्येक डिलीवरी के बाद जाने की अपनी स्वाभाविक प्रवृत्ति पर भी अंकुश लगाया, अपनी 121 गेंदों की पारी के दौरान प्रत्येक गेंद को उसकी योग्यता के आधार पर लिया।