वर्ष 2000 से 2002 के बीच सेवा में शामिल हुए 379 पात्र इंजीनियरों में से 300 सहायक कार्यकारी इंजीनियरों (इलेक्ट्रिकल) को पहले चरण में आदेश जारी किए गए थे।