मुख्य न्यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन आश्चर्यचकित हैं कि सरकारी सेवा से संबंधित मामले में जनहित याचिका कैसे दायर की जा सकती है