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يتقدم المهاجرون غير الشرعيين أنفسهم للعودة إلى بنغلاديش: التحقق من 200-300 شخص كل يوم في البنغال؛ توتر مماثل في كلا البلدين على الحدود

يتقدم المهاجرون غير الشرعيين أنفسهم للعودة إلى بنغلاديش: التحقق من 200-300 شخص كل يوم في البنغال؛ توتر مماثل في كلا البلدين على الحدود

دولي 07/06/2026 Dainik Bhaskar 👁 18
⚡ الخلاصة في سطرين

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की हकीमपुर चेकपोस्ट पर इन दिनों अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की भीड़ जुट रही है। ये लोग खुद अपनी पहचान बताकर बांग्लादेश लौटने की इच्छा जता रहे हैं। हालांकि, सीमा सुरक्षा बल (BSF) उन्हें सीधे सीमा पार भेजने के बजाय बायोमीट्रिक और अन्य पहचान पत्र लेकर बंगाल में बनाए गए होल्डिंग सेंटरों में भेज रही है। हकीमपुर बॉर्डर पर वेरिफिकेशन सेंटर पर रोजाना करीब 200 से 300 लोग वेरिफिकेशन के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से कई लोग सालों पहले अवैध रूप से भारत आए थे और अब बदलते हालात के बीच अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। कई लोगों के पास भारतीय दस्तावेज हैं, लेकिन बांग्लादेशी पहचान संबंधी कागजात नहीं हैं। अधिकारी बोले- पहली बार अवैध प्रवासियों को ढूंढना नहीं पड़ रहा BSF के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पहली बार ऐसी स्थिति बनी है जब अवैध प्रवासियों को तलाशने की जरूरत नहीं पड़ रही। लोग खुद वेरिफिकेशन कराने और अपनी पहचान दर्ज कराने के लिए चेकपोस्ट पर पहुंच रहे हैं। अधिकारी के अनुसार, सुबह से शाम तक लोगों की लंबी कतारें लगी रहती हैं और वेरिफिकेशन में काफी समय लग रहा है। स्थानीय संगठन ‘भूखा मानुसेर अधिकार अभियान’ के अध्यक्ष मोहर मंडल के अनुसार, वेरिफिकेशन कराने पहुंच रहे अधिकांश लोग बांग्लादेश के छह जिलों से हैं और अवैध रूप से भारत आए थे। प्रवासी ने कहा- भारत में रह नहीं पा रहे, बांग्लादेश जा नहीं सकते मुंबई में रह रहे मोहम्मद अख्तर शेख ने बताया कि वह 22 साल पहले बांग्लादेश से भारत आए थे। उनके पास भारतीय आधार कार्ड है, लेकिन बांग्लादेश का कोई दस्तावेज नहीं है। उन्हें डर है कि अब वे न बच्चों के साथ रह पाएंगे और न ही बांग्लादेश जा सकेंगे।’ इसी तरह, 20 साल पहले मुर्शिदाबाद के जलंगी बॉर्डर के रास्ते भारत आए इस्लाम सरदार बात करते-करते रोने लगे। वह कहते हैं, ‘मैं बांग्लादेश के बारीसाल जिले से आया था। दिल्ली की झुग्गियों में पूरी जिंदगी गुजार दी। सबसे बड़ा डर यही है कि दोनों देशों में से किसी ने हमें स्वीकार नहीं किया तो क्या होगा।’ जितने वेरिफिकेशन हुए, होल्डिंग सेंटर में उससे कम ही गए गृह मंत्रालय के निर्देश पर बंगाल में 11 होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तर 24 परगना जिले के तेतुलिया में एक होटल को होल्डिंग सेंटर बनाया गया है। राज्य सरकार के मुताबिक, इन 11 सेंटरों में फिलहाल एक हजार से कम लोग हैं। यहां भोजन, डॉक्टर और बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएं दी जा रही हैं। बांग्लादेश ने चौकसी बढ़ाई, सीमा में आने से रोक रहे इस बीच, बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (BGB) ने BSF पर अवैध प्रवासियों को उनके देश की सीमा में धकेलने की कोशिश का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि पिछले 24 घंटे में ऐसी 10 कोशिशें रोकी गई हैं। 29 मई को बंगाल की एजेंसियों द्वारा 386 संदिग्ध अवैध प्रवासियों की हिरासत की खबर के बाद बांग्लादेश ने सीमा पर गश्त और जवानों की संख्या भी बढ़ा दी है। बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबायद इस्लाम ने भी चेतावनी दी थी कि किसी भी व्यक्ति को एकतरफा तरीके से सीमा में धकेलने की कोशिश तनाव बढ़ा सकती है। दुविधा: बांग्लादेशी होने का दावा, फिर भी एंट्री नहीं बांग्लादेश के सातक्षीरा जिले के मो.

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