Insinyur dengan gaji Rs. 6.000 adalah pemilik crores: Empat rumah mewah di Bhubaneswar; Sebanyak 5 bangunan, 13 bidang tanah, dan uang tunai ₹2 crore ditemukan di Odisha
📖 Sumber artikel — 🇮🇳 Hindiसिर्फ 6 हजार रुपए मासिक वेतन पर सरकारी नौकरी शुरू करने वाले ओडिशा के बैकुंठ नाथ बेहरा की करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है। बैकुंठ नाथ कंधमाल जिले के बलिगुड़ा स्थित एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी (ITDA) के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हैं। उनके ठिकानों पर विजिलेंस की छापेमारी में 5 बहुमंजिला इमारतें, 13 प्लॉट, सोने के गहने और बैंक लॉकरों से करीब 2 करोड़ कैश बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आई संपत्तियों की कीमत कई करोड़ रुपए में आंकी जा रही है। ओडिशा विजिलेंस को बेहरा के पास आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत मिली थी। इसके बाद विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस), भुवनेश्वर के सर्च वारंट के आधार पर शुक्रवार को भुवनेश्वर, जाजपुर, बारिपदा और कंधमाल जिले के कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। भुवनेश्वर के 4 इलाकों के अलावा जाजपुर जिले के धर्मशाला स्थित पैतृक घर, रिश्तेदारों के आवास, सरकारी क्वार्टर और ऑफिस में भी तलाशी ली गई। कार्रवाई में 2 एडिशनल SP, 5 DSP , 6 इंस्पेक्टर और बड़ी संख्या में अन्य अधिकारियों को लगाया गया। भुवनेश्वर में चार बहुमंजिला आलीशान मकान जांच में अब तक पांच बड़ी इमारतों का पता चला है। इनमें भुवनेश्वर स्थित नीलाद्री विहार में लगभग 10,500 वर्गफुट क्षेत्रफल वाली चार मंजिला इमारत सबसे बड़ी है। इसके अलावा सैलश्री विहार में तीन मंजिला भवन, कानन विहार में दो मंजिला मकान, चंद्रशेखरपुर में दो मंजिला मकान है। जाजपुर जिले के धर्मशाला में पैतृक जमीन पर भी दो मंजिला इमारत बनी है। विजिलेंस को बेहरा और उनके परिवार के नाम पर 13 प्लॉट भी मिले हैं। इनमें 7 प्लॉट भुवनेश्वर, 5 जाजपुर जिले के धर्मशाला और एक बारिपदा में स्थित है। भुवनेश्वर में और भी जमीन होने की जानकारी सामने आई है। पत्नी के बैंक लॉकरों से निकले 2 करोड़ कैश छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने अलग-अलग ठिकानों से सिर्फ 2.66 लाख कैश नकद बरामद किए। हालांकि जांचकर्ताओं को पता चला कि बेहरा की पत्नी के नाम पर भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर स्थित एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में दो लॉकर हैं। लॉकर खोले जाने पर उनमें से करीब 2 करोड़ रुपए कैश मिले। नोटों की गिनती बैंक की मशीनों से कराई जा रही है। इसके अलावा सोने के गहनों का वजन और कीमत भी आंकी जारी है। विजिलेंस बैंक खातों और अन्य इन्वेस्टमेंट की भी जांच कर रही है। 1999 में 6 हजार की सैलरी पर शुरू की थी नौकरी बैकुंठ नाथ बेहरा ने 16 अगस्त 1999 को जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। उस समय उनका शुरुआती वेतन 6,000 रुपए महीना था। 31 अक्टूबर 2016 में उन्हें असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर प्रमोशन मिला। फरवरी 2026 में उन्हें असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बनाया गया और बलिगुड़ा ITDA में पोस्टिंग मिली। अभी उनका मासिक वेतन करीब 80 हजार था। विजिलेंस एसपी सुशांत कुमार बिस्वाल ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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