6 tewas akibat petir di Bihar-Jharkhand: Badai dan hujan di MP-Rajasthan, pohon tumbang di banyak tempat; Musim hujan melintasi Goa, akan meliputi Maharashtra dalam dua hari
📖 Sumber artikel — 🇮🇳 Hindiदेश में गुजरात को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में प्री-मानसून बारिश हो रही है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश समेत दक्षिणी और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में शनिवार को तेज बारिश हुई। बिहार के जमुई, मुंगेर, बांका और बक्सर में चार लोगों की और झारखंड में 2 लोगों की बिजली गिरने से मौत हो गई। एमपी के 4 जिलों में तेज आंधी-बारिश हुई। शाजापुर में ओले गिरे। नर्मदापुरम जिले बॉयज हॉस्टल की छत पर पेड़ गिर गया। राजस्थान के बीकानेर में बारिश के साथ ओले गिरे। श्रीडूंगरगढ़ में वेयरहाउस के टीनशेड और कोटपूतली-बहरोड़ में टेंट उड़ गया। यूपी के मऊ और गाजीपुर में शनिवार को 50kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं और बारिश हुई। गोरखपुर में भी धूलभरी आंधी चली। केरलम के त्रिशूर में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इधर, शनिवार को मानसून गोवा को पार कर महाराष्ट्र के तटीय शहर देवगढ़ पहुंच गया। पूर्वोत्तर के मिजोरम और मणिपुर में भी मानसून पहुंच चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन में यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश के बाकी हिस्सों के साथ तेलंगाना और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में पहुंच सकता है। मानसून अलर्ट… भारत में तीन दिन की देरी से पहुंचने के बाद मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार को मानसून ने आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम और मणिपुर में एंट्री ली। इससे पहले यह शुक्रवार को कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा में पहुंचा था। देश में मानसून 4 जून को केरलम पहुंचा था। IMD के मुताबिक अगले तीन दिनों में मानसून पूर्वोत्तर के सभी राज्यों और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है। अगले 10 दिनों में इसके बिहार, झारखंड और ओडिशा पहुंचने की संभावना है। स्काईमेट वेदर के एक्सपर्ट जीपी शर्मा के मुताबिक एमपी, छत्तीसगढ़, ओडिशा और बंगाल में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी रह सकती है, क्योंकि इसे आगे बढ़ाने के लिए बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत मौसम सिस्टम एक्टिव नहीं है। प्रशांत महासागर का तापमान बढ़ा, ये अल नीनो की शुरुआत यूरोपीय मौसम एजेंसी के अनुसार, प्रशांत महासागर में अल नीनो बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ताजा आंकड़ों में समुद्र का तापमान उस स्तर से ऊपर पहुंच गया है, जिसे अल नीनो की शुरुआत माना जाता है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अल नीनो के चलते इस साल दिसंबर तक समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 3°C तक बढ़ सकता है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो इस साल का अल नीनो दुनियाभर में तापमान को बहुत ज्यादा बढ़ा देगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार अल नीनो 2015-16 और 1997-98 के रिकॉर्ड से भी ज्यादा शक्तिशाली हो सकता है। पिछली दो बार नीनो 3.4 इंडेक्स में पारा औसत से 2.3°C ऊपर चला गया था। कुछ अनुमान तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दिखा रहे हैं, जिसे बड़ी चेतावनी माना जा रहा है। राज्यों से मौसम की तस्वीरें… अगले दो दिन के मौसम का हाल 8 जून: 9 जून:
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