जो लोग सोचते हैं, "मैं पहले से ही अकेले रहने के लिए काफी बूढ़ा हो गया हूं..." वे अंधे धब्बों में फंस जाते हैं - एक मनोचिकित्सक द्वारा सिखाया गया "खोई हुई जिंदगी" से बाहर निकलने का एक नुस्खा | जीवन | टोयो कीज़ई ऑनलाइन
⚡ ⚡ त्वरित सारांश
``मेरे आस-पास के लोगों की तुलना में, मैं नहीं बदला हूं।'' ``मैं अपना मूल नहीं ढूंढ पा रहा हूं।'' मनोचिकित्सक टॉमी उन लोगों को कहते हैं जो इस तरह भ्रमित महसूस करते हैं "जीवन में खोया हुआ।" इस लेख में, हम ठहराव की इस भावना की वास्तविक प्रकृति और आगे बढ़ने के नुस्खे का पता लगाएंगे।