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Successful test of anti radiation missile Rudram-2: Will attack from air to ground up to 300km, capable of destroying enemy air defense system.

Successful test of anti radiation missile Rudram-2: Will attack from air to ground up to 300km, capable of destroying enemy air defense system.

International 02/06/2026 Dainik Bhaskar 👁 43
⚡ Quick Summary

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने मंगलवार को एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम-2 का सफल टेस्ट किया है। यह टेस्ट वायुसेना के Su-30MKI फाइटर जेट से किया गया। ये मिसाइल हवा से जमीन में 300km की तक की रेंज में दुश्मन को खत्म करेगी। रुद्रम-2 मिसाइल को दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम और रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी नेटवर्क को खत्म करने के लिए बनाया गया है। यह मिसाइल दुश्मन के रडार बंद होने पर भी उसे खोजकर खत्म करेगी। रुद्रम-2 के 2 अलग-अलग मिशन रुद्रम-2 दुश्मन के एयर डिफेंस को कमजोर करती है किसी भी देश की हवाई सुरक्षा काफी हद तक उसके रडार सिस्टम पर निर्भर करती है। रडार ही दुश्मन के विमान, मिसाइल और ड्रोन का पता लगाकर सेना को समय रहते चेतावनी देते हैं। रुद्रम-2 का मुख्य काम ऐसे रडार सिस्टम को खोजकर नष्ट करना है। जब रडार और निगरानी उपकरण नष्ट हो जाते हैं, तो दुश्मन के लिए आसमान में हो रही गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो जाता है। इससे उसकी हवाई सुरक्षा कमजोर पड़ जाती है और भारतीय फाइटर जेट के लिए हमला करना आसान और सुरक्षित हो जाता है। सैन्य भाषा में दुश्मन की हवाई सुरक्षा को कमजोर करने वाले ऐसे अभियान को SEAD (सप्रेशन ऑफ एनिमी एयर डिफेंस) कहा जाता है। सरल शब्दों में, इसका मतलब है दुश्मन की आंखें और कान बंद कर देना, ताकि वह हवाई हमलों का समय पर पता न लगा सके। रडार बंद करने पर भी नहीं बचेगा टारगेट आमतौर पर जब दुश्मन को पता चलता है कि उसकी तरफ एंटी-रेडिएशन मिसाइल आ रही है, तो वह अपना रडार बंद कर देता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि मिसाइल को सिग्नल मिलना बंद हो जाए और वह लक्ष्य तक न पहुंच सके। लेकिन रुद्रम-2 जैसी आधुनिक मिसाइलों के सामने यह तरीका ज्यादा असरदार नहीं है। मिसाइल में मौजूद INS (इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम) और SATNAV (सैटेलाइट नेविगेशन) तकनीक उसे लक्ष्य की आखिरी लोकेशन याद रखने में मदद करती है। यानी अगर दुश्मन आखिरी समय में रडार बंद भी कर दे, तब भी रुद्रम-2 उसकी अंतिम ज्ञात स्थिति तक पहुंचकर हमला कर सकती है। इसलिए केवल रडार बंद कर देने से इस मिसाइल से बचना आसान नहीं होगा। एंटी-रेडिएशन मिसाइल के बारे में जानें… एंटी-रेडिएशन मिसाइल (ARM) ऐसी खास मिसाइल होती है, जो दुश्मन के रडार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से निकलने वाले सिग्नलों को पकड़कर सीधे उनके ठिकाने तक पहुंचती है और उन्हें नष्ट कर देती है। आसान शब्दों में समझें तो यह मिसाइल दुश्मन के रडार की आवाज सुनकर उसका पीछा करती है। जैसे ही रडार सिग्नल भेजता है, मिसाइल उसे पहचान लेती है और उसी दिशा में हमला कर देती है। सामान्य मिसाइलें अपने टारगेट को खोजने के लिए खुद सिग्नल भेजती हैं, लेकिन एंटी-रेडिएशन मिसाइल ऐसा नहीं करती। यह सिर्फ दुश्मन के रडार से निकलने वाले सिग्नलों को पकड़ती है। इसलिए यह दुश्मन की एयर डिफेंस प्रणाली के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है, क्योंकि रडार नष्ट होते ही दुश्मन की निगरानी और चेतावनी देने की क्षमता काफी कमजोर पड़ जाती है। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… अग्नि की एडवांस मिसाइल का सफल परीक्षण, एक से ज्यादा परमाणु हथियार ले जा सकती है रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के डॉ.

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