उत्तरकाशी में ट्रैकिंग के लिए गई नैनीताल की युवती का 4 दिन से कोई पता नहीं लग पा रहा है। बबीता पांडे की तलाश के लिए सेना, ITBP, SDRF, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। ड्रोन के जरिए दयारा बुग्याल ट्रेक के दुर्गम क्षेत्रों को छाना जा चुका है, लेकिन अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। बबीता पांडे के भाई हर्षित पांडे ने बताया कि दीदी (MBA स्टूडेंट) दो दोस्तों, हरमनपाल (निवासी रुद्रपुर) और हरमनप्रीत (निवासी शाहजहांपुर, यूपी) के साथ गढ़वाल घूमने निकली थी। पहले वे हर्षिल गए और फिर दयारा बुग्याल की ट्रैकिंग पर निकले। 29 मई की रात को वे सभी रास्ते में 'गोई' नामक स्थान पर रुके थे। दोनों दोस्तों ने परिजनों को बताया कि अगली सुबह 4 बजे बबीता टेंट में नहीं थी और फोन करने पर उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। भाई का कहना है कि दीदी उन दोनों के साथ गई थी, इसलिए सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं दोनों दोस्तों की थी। तस्वीरें देखिए- दो भाइयों की इकलौती बहन हैं बबीता पांडे लापता बबिता पांडे नैनीताल जिले के रामनगर (चिल्किया) की रहने वाली हैं। वह अपने परिवार की सबसे बड़ी संतान और दो भाइयों (हर्षित और तनुज पांडे) की इकलौती बहन हैं। बबिता दिल्ली से एमबीए (MBA) कर रही हैं और पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट-टाइम नौकरी कर रही थी। उनके दोनों भाई रामनगर में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हैं। अभी उनकी मां और बड़ा भाई हर्षित उत्तरकाशी में खोजबीन के लिए मौजूद हैं, जबकि घर पर उनके छोटे भाई तनुज, दादी और दिव्यांग पिता हैं। पिता दिव्यांग, दादी बोलीं- अच्छी खबर का इंतजार कर रही बबिता के पिता गोपाल पांडे ने प्रशासन और बचाव दलों से अपनी बेटी को जल्द ढूंढ निकालने की भावुक अपील की है। उन्होंने बताया करीब पांच साल पहले एक सड़क हादसे में मैं गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद से मैं पूरी तरह दिव्यांग हूं और चल-फिर नहीं पाता। बबिता मेरी मेधावी बेटी है, वह हमारा सहारा है। पूरा परिवार उसकी सुरक्षित वापसी के लिए हर पल भगवान से प्रार्थना कर रहा है। हमें उम्मीद है कि प्रशासन हमारी मदद करेगा। बबिता की दादी लक्ष्मी पांडे का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने हाथ जोड़कर प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा मेरी पोती को सुरक्षित वापस ले आओ। वह बहुत होनहार बच्ची है। मेरा बड़ा पोता और बहू उत्तरकाशी की पहाड़ियों में खाक छान रहे हैं। घर पर हम लोग बस किसी अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन से निवेदन है कि खोज अभियान में कोई कमी न छोड़ें। 5 पॉइंट में पूरी खबर.. 1. रामनगर से निकली थी उत्तरकाशी घूमने- नैनीताल जिले के रामनगर (चिल्किया) निवासी 24 वर्षीय बबिता पांडे बीती 25 मई को अपने दो दोस्तों हरमनपाल (रुद्रपुर) और हरमनप्रीत (शाहजहांपुर, यूपी) के साथ उत्तरकाशी घूमने निकली थीं। हर्षिल घूमने के बाद, ये तीनों दयारा बुग्याल की ट्रैकिंग पर गए। 29 मई की रात को वे रास्ते में 'गोई' नामक स्थान पर रुके, जहां से अगली सुबह बबिता संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। 2. दोस्तों का बयान पर परिवार को शक- बबिता के साथ आए दोस्तों के अनुसार, 29 मई की रात उन्होंने शराब पी थी। बबिता ने अकेला रहने की बात कहकर टेंट से बाहर जाकर बैठने की इच्छा जताई। दोस्तों का दावा है कि जब सुबह 4 बजे उनकी नींद खुली, तो बबिता गायब थी। मौके से बबिता का बैग मिला है, लेकिन उसका मोबाइल और वह खुद लापता हैं। 3. परिजनों के आरोप पर FIR- बबिता के भाई हर्षित पांडे ने मनेरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए दोनों दोस्तों पर हत्या या किसी अनहोनी की आशंका जताई है। भाई का कहना है कि सुरक्षा की जिम्मेदारी दोस्तों की थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर दोनों दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। 4. ट्रेकिंग एजेंसी का बड़ा फर्जीवाड़ा- जिला पर्यटन विभाग की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस ट्रेकिंग एजेंसी के माध्यम से ये लोग ट्रेक पर गए थे, उसने फर्जी परमिट का इस्तेमाल किया था। एजेंसी ने पुराने अनुमति पत्र में काट-छांट कर बबिता और उसके दोस्तों के नाम फर्जी तरीके से जोड़े थे। पर्यटन विभाग ने क्यूआर कोड स्कैनिंग के जरिए इस जालसाजी को पकड़ा, जिसके बाद उक्त ट्रेकिंग एजेंसी का पंजीकरण तुरंत निलंबित कर दिया गया है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। 5. Extensive rescue operation- Today, even on the fourth day of her disappearance, no trace of Babita has been found. Joint teams of Army, ITBP, SDRF, NDRF, Police and Forest Department are deployed on the spot. The help of drone cameras and sniffer dogs (dog squad) is being taken in dense forests and inaccessible areas. The police have recovered the girl's slippers and ID from the spot, but the phone is still switched off. --------------------------- Also read this news... Software engineer missing while trekking in Uttarakhand: Had come to Bageshwar from Noida with 3 friends, search for girl from Nainital in Uttarkashi. Two tourists have gone missing while trekking in Uttarakhand. The first case is of Bageshwar. Here, even after 4 days, no trace of software engineer Abhishek Chauhan has been found. He had gone missing while returning from Pindari Glacier Track. (Read full news)