तृणमूल कांग्रेस ने अपने दो विधायकों संदीपान साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी निष्कासित कर दिया। TMC ने दोनों नेताओं को भेजे पत्र में कहा कि वे पार्टी नेतृत्व की बैठकों में लगातार शामिल नहीं हो रहे थे। दोनों ऐसे काम कर रहे थे और बयान दे रहे थे, जो पार्टी के हित में नहीं थे। आज की बाकी बड़ी खबरें… आज CID के सामने पेश नहीं होंगे अभिषेक बैनर्जी, 2 दिन पहले सोनारपुर में TMC सांसद से मारपीट हुई थी तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी सोमवार को पश्चिम बंगाल CID के सामने पेश नहीं हो पाएंगे। सूत्रों के मुताबिक उनकी तबीयत खराब है। डायमंड हार्बर के सांसद को विधानसभा सचिवालय में जमा किए गए एक पत्र में पार्टी विधायकों के जाली हस्ताक्षरों की जांच के सिलसिले में तलब किया था। अभिषेक शनिवार को दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ित के घर गए थे। इस दौरान उन पर हमला हुआ था। सूत्रों ने यह भी बताया कि उनका इलाज घर पर ही चल रहा है। ओडिशा के कटक में मछली बाजार में आग, 30 से ज्यादा दुकानें जलकर खाक ओडिशा के कटक में सोमवार तड़के एक मछली बाजार में आग लग गई। आग में 30 से ज्यादा दुकानें जलकर खाक हो गईं। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, आग सुबह करीब 2:30 से 3 बजे के बीच एक दुकान में लगी और देखते ही देखते आसपास की दुकानों तक फैल गई। कुछ ही देर में पूरा बाजार आग की चपेट में आ गया। यह बाजार प्रेस चौक के पास स्थित है। सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की करीब 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। डिप्टी फायर ऑफिसर अबनी कुमार स्वैन ने बताया कि दमकलकर्मियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। सुप्रीम कोर्ट में बढ़ी जजों की संख्या, 5 नए जज शामिल; इनमें एमपी हाईकोर्ट चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आलोक अराधे, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरुण पल्ली तथा वरिष्ठ अधिवक्ता सुब्रमणि मोहना को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया है। ये नियुक्तियां केंद्र सरकार के उस फैसले के बाद हुई हैं, जिसमें सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 के जरिए शीर्ष अदालत में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई थी। पांच नई नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी और अब सिर्फ एक पद खाली रहेगा। सरकार का कहना है कि इससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और संविधान पीठों का गठन अधिक नियमित रूप से हो सकेगा। जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सेना का ऑपरेशन 10वें दिन भी जारी जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के डोरी माल इलाके के घने जंगलों में सुरक्षा बलों का ऑपरेशन शेरूवाली सोमवार को लगातार 10वें दिन भी जारी रहा। जवानों ने संदिग्ध ठिकाने वाले इलाके की घेराबंदी बनाए रखते हुए तलाशी अभियान चलाया। सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगल से गैस स्टोव और अन्य सामान बरामद किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में आतंकियों के मौजूदग होने के संकेत है। सुरक्षा बलों ने जमीनी टीमों के साथ तकनीकी निगरानी भी बढ़ा दी है। पूरे क्षेत्र में कॉम्बिंग और सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि छिपे आतंकियों का पता लगाया जा सके। पश्चिम बंगाल में शुभेंदु मंत्रिमंडल का पहला विस्तार आज, 35 नए मंत्री शपथ ले सकते हैं पश्चिम बंगाल में भाजपा की पहली सरकार बनने के तीन हफ्ते बाद, सोमवार सुबह 11 बजे राज्य 35 नए मंत्री बनेंगे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस समारोह में कम से कम 35 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे, जिन्हें राज्यपाल आरएन रवि लोक भवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, इस नए कैबिनेट में भाजपा के कई बड़े और प्रमुख चेहरों को शामिल किए जाने की उम्मीद है। मंत्रियों की इस सूची में पूर्व टीएमसी नेता अर्जुन सिंह, क्रिकेटर से नेता बने अशोक डिंडा, पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता और जानी-मानी अभिनेत्री व भाजपा नेता रूपा गांगुली जैसे बड़े नाम शामिल हो सकते हैं मणिपुर में CRPF की 2 बटालियन तैनात होगी केंद्र ने मणिपुर में शांति बहाली के प्रयासों के तहत सीआरपीएफ की जंगल वॉरफेयर यूनिट कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रिजोल्यूट एक्शन) की दो बटालियनों को तैनात करने का आदेश दिया है। सीआरपीएफ ने गृह मंत्रालय को प्रस्ताव दिया था। पश्चिम बंगाल स्थित 207वीं कोबरा बटालियन और असम में तैनात 210वीं कोबरा बटालियन को मणिपुर भेजा जाएगा। दोनों इकाइयां अगले कुछ सप्ताह में राज्य में पहुंचकर Wird Sondereinsätze gegen bewaffnete Gruppen durchführen, die an gewalttätigen Aktivitäten beteiligt sind. Diesen Bataillonen wird die Verantwortung für Operationen gegen Gruppen übertragen, die in Manipur Gewalt verbreiten. Siddaramaiahs Sohn sagte: „Es besteht Hoffnung, einen Platz im nächsten Kabinett zu bekommen.“ Yatindra Siddaramaiah, der Sohn des Kongress-MLC und ehemaligen CM von Karnataka, Siddaramaiah, sagte am Sonntag, er hoffe auf einen Platz im nächsten Kabinett von Karnataka, und das Oberkommando der Partei habe ihm einen Posten als Minister zugesichert. Zur Frage der Teilnahme am Rennen um den Posten des stellvertretenden CM sagte Yatindra, dass weder er noch seine Unterstützer dem Oberkommando eine solche Forderung oder einen solchen Vorschlag vorgelegt hätten. Zwei Frauen in Odisha versuchten außer Gefahr, außerhalb der Residenz von CM Gift zu konsumieren. Drei Frauen protestierten am Sonntag in der Nähe der Residenz von Odishas Ministerpräsident Mohan Charan Majhi. Zwei von ihnen waren verärgert über die Verzögerung bei der Beilegung eines Landstreits im Distrikt Khordha und versuchten durch den Konsum von Gift Selbstmord zu begehen. Der DCP von Bhubaneswar, Jagmohan Meena, sagte, dass sich der Vorfall in der Nähe des für den Protest vorgesehenen Ortes in Lower PMG ereignet habe. Diese Frauen forderten eine Beilegung des anhaltenden Landstreits in Banpur, Khordha. Sie wurden sofort ins Capital Hospital gebracht, wo die Ärzte nach der Erstversorgung sagten, dass beide Frauen derzeit außer Gefahr seien. Der Oberste Gerichtshof sagte: „Jetzt wird ein Fall gemäß den POCSO-Abschnitten zum Menschenhandel mit Minderjährigen registriert.“ Jetzt wird auch im POCSO-Bereich ein Fall wegen Menschenhandels mit Minderjährigen zum Zwecke der sexuellen Ausbeutung registriert. Der Oberste Gerichtshof erklärte, dass in Fällen von Kinderhandel zum Zweck der „kommerziellen sexuellen Ausbeutung“ auch nach dem strengen POCSO-Gesetz geklagt werden könne. Die Richter JB Pardiwala und Richter R Mahadevan gaben ebenfalls mehrere Anweisungen, um die Bedenken der Sexarbeiterinnen auszuräumen. Das Gericht stellte klar, dass in Fällen von Menschenhandel der Schwerpunkt nicht auf der Zustimmung des Opfers, sondern auf der Vorgehensweise und den Absichten des Angeklagten liegen sollte.