Police raid at Abhishek Banerjee's house at 3 pm: Searched for four hours, Central Force personnel stood outside; Allegation- broke into the lock
ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित घर पर कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार देर रात 3 बजे छापा मारीा। पुलिस टीम सेंट्रल फोर्स के जवानों के साथ पहुंची थी। पुलिस अधिकारी अंदर गए, जवान गेट के बाहर पहरा देते रहे। तलाशी अभियान करीब 4 घंटे तक चला। यह छापेमारी किस मामले में की गई है। इसकी जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन कोलकाता पुलिस के साथ पश्चिम मेदिनीपुर जिले की भी पुलिस टीम थी। बताया जा रहा है कि पश्चिम मेदिनीपुर के सालबोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले को लेकर यह छापेमारी की गई। वहां पर केस किसने दर्ज कराया, उसमें अभिषेक आरोपी हैं कि नहीं। इसके बारे में पुलिस सूत्रों ने कुछ नहीं बताया। हालांकि शनिवार सुबह घर से बाहर आकर अभिषेक ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी ताला तोड़कर घर में घुसे और हर कमरे की तलाशी ली। अभिषेक बनर्जी के घर छापेमारी ऐसे वक्त की गई जब फर्जी हस्ताक्षर मामले में उनके खिलाफ CID जांच जारी है। अभिषेक के घर रेड की 3 तस्वीरें… अभिषेक बनर्जी का फर्जी हस्ताक्षर विवाद क्या है यह विवाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) के चयन से जुड़ा है। 4 मई को विधानसभा चुनाव में TMC की हार के बाद पार्टी ने शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाने का फैसला किया था। इसके लिए विधानसभा सचिवालय को एक पत्र भेजा गया, जिस पर करीब 70 TMC विधायकों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया। विवाद कैसे शुरू हुआ बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने आरोप लगाया कि 6 मई की बैठक में नेता प्रतिपक्ष को लेकर कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था। उन्होंने दावा किया कि सचिवालय को भेजे गए पत्र पर कुछ विधायकों के हस्ताक्षर फर्जी या बिना अनुमति के इस्तेमाल किए गए। आरोप यह भी है कि कई हस्ताक्षर ब्लॉक लेटर में थे और कुछ विधायकों की सहमति के बिना उनके नाम जोड़े गए। अभिषेक बनर्जी का नाम क्यों आया अभिषेक बनर्जी TMC के राष्ट्रीय महासचिव हैं। विधानसभा को भेजे गए कवरिंग लेटर पर उनके हस्ताक्षर थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाना चाहती हैं कि यह दस्तावेज किस तरह तैयार हुआ और किस आधार पर विधानसभा सचिवालय को भेजा गया। CID जांच क्यों हो रही है बागी विधायकों की शिकायत के बाद FIR दर्ज की गई। मामला कथित जालसाजी और हस्ताक्षरों के दुरुपयोग से जुड़ा होने के कारण पश्चिम बंगाल CID को जांच सौंपी गई। CID जांच के 3 पॉइंट… अब तक क्या हुआ?