چرا سوالاتی در مورد پیشکش های معبد رام مطرح می شود: جعبه اهدایی در معبد پادمانابها جلوی قاضی باز می شود، مردم می توانند در Sanwaliya Seth حساب کنند.
بینالمللی12/06/2026Dainik Bhaskar
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अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। 7 जून को यूपी के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने चढ़ावे में साढ़े 7 करोड़ तक की चोरी का आरोप लगाया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी चढ़ावे में चोरी का दावा किया था। मामले ने तूल पकड़ा तो राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सफाई दी। कहा कि चढ़ावे की राशि का ऑडिट चल रहा है। चोरी के आरोप सही नहीं है। हालांकि, इसके बाद 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट मांग ली। वहीं, देश के दूसरे मंदिर तिरुपति बालाजी, शिरडी साईंबाबा और सांवलिया सेठ में हर दिन करोड़ों का दान आने पर भी ऑडिट सिस्टम पूरी तरह से पारदर्शी है। इसकी वजह वहां का सिस्टम और सख्त निगरानी व्यवस्था है। कहीं जिला जज की निगरानी में दानपेटी खुलती है, कहीं बुलेटप्रूफ हॉल में नोट गिने जाते हैं। कहीं गिनती करने वालों को बिना जेब वाले कपड़े पहनने पड़ते हैं, तो कहीं पब्लिक खुद गिनती कर सकती है। ऐसे में सवाल है कि राम मंदिर में चढ़ावे का हिसाब-किताब कैसे रखा जाता है?
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। 7 जून को यूपी के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने चढ़ावे में साढ़े 7 करोड़ तक की चोरी का आरोप लगाया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी चढ़ावे में चोरी का दावा किया था। मामले ने तूल पकड़ा तो राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सफाई दी। कहा कि चढ़ावे की राशि का ऑडिट चल रहा है। चोरी के आरोप सही नहीं है। हालांकि, इसके बाद 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट मांग ली। वहीं, देश के दूसरे मंदिर तिरुपति बालाजी, शिरडी साईंबाबा और सांवलिया सेठ में हर दिन करोड़ों का दान आने पर भी ऑडिट सिस्टम पूरी तरह से पारदर्शी है। इसकी वजह वहां का सिस्टम और सख्त निगरानी व्यवस्था है। कहीं जिला जज की निगरानी में दानपेटी खुलती है, कहीं बुलेटप्रूफ हॉल में नोट गिने जाते हैं। कहीं गिनती करने वालों को बिना जेब वाले कपड़े पहनने पड़ते हैं, तो कहीं पब्लिक खुद गिनती कर सकती है। ऐसे में सवाल है कि राम मंदिर में चढ़ावे का हिसाब-किताब कैसे रखा जाता है? दूसरे बड़े मंदिरों का सिस्टम इससे कितना अलग है?पढ़िए इस रिपोर्ट में… राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती का सिस्टम और कमियां अब जानिए देश के दूसरे बड़े मंदिरों का सिस्टम क्या है… जिला जज करते हैं चढ़ावे की निगरानी केरल का श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर दुनिया के सबसे समृद्ध मंदिरों में गिना जाता है। इसके तहखानों में 1.2 लाख करोड़ रुपए से अधिक का खजाना होने का अनुमान है। यहां दान और फाइनेंशियल मैनेजमेंट की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बनी प्रशासनिक समिति करती है। तिरुवनंतपुरम के जिला जज इस निगरानी समिति के चेयरमैन होते हैं। दानपेटी से निकले पैसे और सिक्कों की गिनती CCTV निगरानी में होती है। इस दौरान बैंक अधिकारी, सुरक्षाकर्मी और समिति के सदस्य मौजूद रहते हैं। ट्रांसपेरेंसी के लिए समय-समय पर ऑडिट किया जाता है। आम श्रद्धालु भी देख सकते हैं चढ़ावे की गिनती आंध्र प्रदेश का तिरुमाला तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर दान प्रबंधन के मामले में दुनिया के सबसे व्यवस्थित मॉडलों में गिना जाता है। यहां रोजाना लगभग 4 से 4.5 करोड़ रुपए का चढ़ावा आता है। दानपेटियों की गिनती के लिए अलग से हाईटेक जगह ‘परकामणि भवन’ बनाई गई है। हॉल में शीशे की दीवारें बनाई गई हैं, जिससे श्रद्धालु बाहर से पूरी प्रक्रिया देख सकें। चढ़ावे की गिनती के लिए केवल 35 से 65 साल के ऐसे हिंदू पुरुषों को जिम्मेदारी दी जाती है, जो केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों या सरकारी बैंकों में कार्यरत या रिटायर्ड हों। गिनती करने वाले केवल सफेद धोती और अंगवस्त्रम (बिना शर्ट, बनियान या जेब वाले कपड़े) पहनते हैं। मोबाइल, पर्स और निजी जेवर पहनने की इजाजत नहीं होती। श्रद्धालु करते हैं चढ़ावे की गिनती राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित सांवलिया सेठ मंदिर में भी चढ़ावे की निगरानी बेहद सख्त और पारदर्शी मानी जाती है। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को दानपेटियां खोली जाती हैं। खुले हॉल में चढ़ावे की गिनती होती है, जो कई दिन तक चलती है। हर शाम प्रेस रिलीज जारी करके उस दिन की गिने गए रुपए और सोने-चांदी का हिसाब दिया जाता है। खास बात यह है कि कोई भी आम श्रद्धालु गिनती करने का काम कर सकता है। इसके लिए मंदिर प्रशासन श्रद्धालु का आधार कार्ड मांगता है। दैनिक भास्कर के रिपोर्टर सचिन मुद्गल खुद इस गिनती में हिस्सा ले चुके हैं। पूरी प्रक्रिया के दौरान ADM स्तर के अधिकारी, मंदिर मंडल के पदाधिकारी और बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारी मौजूद रहते हैं। करीब 200 लोगों की टीम नोट गिनती है। पूरी प्रक्रिया CCTV और लाइव वीडियोग्राफी की निगरानी में होती है। दान में मिले सोने-चांदी का वजन इलेक्ट्रॉनिक कांटों से किया जाता है। उसे मिलीग्राम तक रिकॉर्ड में दर्ज कर सीलबंद स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता है। साल 2025-26 में यहां 337 करोड़ रुपए से ज्यादा का चढ़ावा आया है। महाराष्ट्र सरकार कराती है चढ़ावे का ऑडिट महाराष्ट्र के शिरडी साईं बाबा मंदिर का मॉडल भी पारदर्शिता के लिए जाना जाता है। मंदिर परिसर में रखी दानपेटियां मुख्य कार्यकारी अधिकारी और बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में खोली जाती हैं। गिनती बुलेटप्रूफ कांच वाले सुरक्षित हॉल में होती है। गिनती करने वाले कर्मचारियों को बिना जेब वाले कपड़े पहनने पड़ते हैं। मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही हॉल में एंट्री मिलती है। खास बात यह है कि यहां का ऑडिट निजी चार्टर्ड अकाउंटेंट नहीं ,बल्कि महाराष्ट्र सरकार का लोकल फंड ऑडिट विभाग करता है। अब जानिए राम मंदिर में चढ़ावे की हेराफेरी का मामला क्या है… सपा सरकार में मंत्री रहे पवन पांडेय ने 7 जून को दावा किया कि राम मंदिर के चढ़ावे से करीब साढ़े 7 करोड़ रुपए دزدیده شد. آخیلیش یاداو، رئیس SP نیز گفته بود که دادگاه باید این موضوع را بررسی کند. با این حال، چمپات رای تصریح کرده بود که هنوز چنین چیزی آشکار نشده است. پس از این، ماهیپال سینگ، مسئول سابق معبد، ادعا کرد که دزدی از سال 2021 در معبد در حال انجام است. هیچ سابقه مکتوبی از طلا و نقره ای که به عنوان پیشکش ارائه می شود، نگهداری نمی شود. عکسهای نذریهای فلزی گرفته شد و برای چمپات رای، دبیر کل اعتماد ارسال شد. اما، فقط چمپات رای و رانندهاش رامشانکار یاداو (تینو) میدانستند که کالاها کجا ذخیره شده است. حتی روی کوپن های واریز مبلغ پیشنهادی در بانک هم امضای آنها ثبت نشده بود. هنگامی که جنجال بالا گرفت، دکتر راجنیش سینگ، رهبر BJP، در 9 ژوئن نامه ای به نخست وزیر نوشت و خواستار تحقیقات CBI شد. روز بعد (10 ژوئن)، دفتر نخست وزیری (PMO) به دنبال گزارشی در مورد این موضوع از تراست معبد بود. رئیس کمیته ساخت و ساز ساختمان رام ماندیر، نریپندرا میشرا نیز در 10 ژوئن با اعضای تراست جلسه ای برگزار کرد. در این جلسه موضوعاتی مانند میزان عرضه، کاربری و حسابداری مورد بحث قرار گرفت. --------------------------------------- این خبر را نیز بخوانید... شانکاراچاریا گفت – سرقت از ابتدا در معبد رام اتفاق افتاده است: ادعای کارمند سابق – دریافت فیلم دوربین مداربسته حذف شده است. وینای کاتیار، که به آیودیا رسید، گفت - باید تحقیقات انجام شود. سیاست در مورد ادعای سرقت 7 کرور روپیه در هدایایی که در معبد Ayodhya Ram انجام شده است ادامه دارد. شانکاراچاریا سوامی آویموکتشواراناندا روز پنجشنبه در ایتاه گفت: «دزدی از زمان شیلا پوجا در معبد رام اتفاق افتاده است. چند اتهام مطرح شده است؟ زمانی که معبد شروع به ساخت کرد، زمین ها شروع به فروش کردند. ارزش زمین ها تنها در دو دقیقه کرور خواهد بود. متن کامل خبر را بخوانید…